भक्ति के सवाल जवाब by In the words of Guruji

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भक्ति के सवाल जवाब by In the words of Guruji

In the words of Guruji

 

अगर आपके मन में भक्ती से जुड़े कुछ सवाल हमेशा उठते रहते है कि मैं ऐसा क्यों हूं हमारे प्रभु कहां है और वो क्यों हमे कष्ट दे रहे है और हम कैसे अपने पापों का प्रायश्चित करे वगैरा वगैरा तो आज मैं पुरी कोशिश करुंगा कि अपने परम पूज्य गुरुदेव जी के शब्दों और सतसंग के जरिए आपको भक्ति की कुछ बाते बता सकूं और इसमें लिखी गई बातों से अगर आपको कष्ट होता है तो मुझे माफ करिएगा

 

मेरा बस यही उद्देश्य है कि हमारे सनातन धर्म के बारे में जिनको सही से जानकारी नहीं होती है उन तक ये बात पहुंच जाए बस
नीचे आपको पहले की तरह इस बार भी कुछ सवाल जवाब मिलेंगे जो आप लोगो के ही है उसको पूरा पढ़िए और समझिए शायद इनमे से आपका भी कोई सवाल हो इसलिए ध्यान से पढ़े और मेरा नाम वंश है महाराज जी की वाणी ज्यादा से ज्यादा लोग तक पहुंचे यही मेरा उद्वेश्य है राधावल्लभ श्री हरिवंश

 

प्रश्न – एक सच्चा भक्त कौन होता है ?

 

जवाब – एक सच्चा भक्त वही होता है जो प्रभु से अपनी मनोकामना के साथ साथ प्रभु का साथ भी मांगे प्रभु से शिकायत करने के साथ साथ प्रभु के साथ अपनी खुशी भी शेयर करें जो सिर्फ दुख में ही नहीं सुख में भी प्रभु को याद करें जो घमंड में नहीं विनम्रता से रहे जो बुद्धिमान तो हो पर अत्यधिक चतुर न हो ऐसे लोग ही प्रभु के सच्चे भक्त कहे जा सकते है और ऐसे लोग की प्रभु जल्दी हो या देर से पर सुनते जरूर है।

 

प्रश्र – क्या लालची होना बुरा है ?

 

जवाब – देखिए लालची होना बुरा है या नहीं ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस चीज के लालची है अगर आप धन के लालची है तो ये ऐसे समझा जा सकता है जैसे कि अगर आप किसी को कष्ट न देते हुए अपनें परिवार और अपने लिए धन कमा रहे है तो ये बिल्कुल भी बुरा नही है या अगर आप दूसरों को कष्ट देते हुए किसी का हक मारकर कहीं गलत तरीके से धन अर्जित कर रहे है तो ये ठीक नहीं है परिणाम इसके बहुत भयावह होंगे अब आप समझ गए होंगे कि दूसरों का सहयोग करते हुऐ अपने परिवार के लिए और सही तरीके से कमाए गए धन अर्जित करना उसमे कोई परेशनी है पर गलत तरीके से किसी का हक मारकर धन कमाना ये गलत है जो कि दंड भी इसके लिए प्रभु देते है और अगर लालची बनना ही है तो प्रभु के प्यार पाने के लिए बनिए उनका भजन करिए

प्रश्र – समस्या से कैसे छुटकारा पाएं ?

 

 

guru

 

जवाब – देखिए समस्या तब ही होती है जब हम उसे बहुत बड़ा मानते है मतलब कि थोड़ी बहुत समस्या सभी के जीवन में होती ही है पर इसका भी एक नजरिया होता है जैसे कि हमें थोड़ी सी किसी काम में समस्या आती है तो हम तुरंत टेंशन में आ जाते है हम सोचना समझना ही बंद कर देते है हमे चाहीए कि जो भी समस्या है उसका सामना अपनी बुद्धि से सूझ बूझ से करें और सोचे मेरे ऐसा करने से क्या लाभ है क्या हानि है फिर फैसला ले उसके बाद प्रभु पर अटूट विश्वास रख कर छोड़ दीजिए निश्चित ही अगर आपऐसा करते है तो आपका समस्या के प्रति नजरिया ही बदल जाएगा और इससे आपकी परेशानी भी दूर हो सकती है।

 

प्रश्र – मैं जल्दी कोई फैसला नहीं ले पाता हूं मुझे क्या करना चाहिए ?

 

 

जवाब – जल्दी किसी भी बात पर फैसला लेना ये भी ठीक नही है पर इतनी भी देर नहीं होना चाहिए फैसले में कि आगे पछताना पड़े इसलिए जीवन में जीवन में जब भी कोई अहम बड़ा फैसला लेना हो तो पहले तो एकांत में चले जाइए फिर ये सोचिए कि अगर मैं ये वाला फैसला लेता हूं तो उसका आगे क्या क्या प्रभाव पड़ेगा या मैं वो वाला फैसला लेता हूं तो उसका क्या प्रभाव पड़ेगा आप दोनों ही फैसलों पर विचार करिए फिर अगर आपकी ईच्छा है किसी से रॉय लेने की तो वो भी आप ले सकते है पर भरोसेमंद व्यक्ति से केवल राय लेना उसके बाद जो आपको ठीक लगे कि हां मुझे ये करना चाहिए यही फैसला ठीक रहेगा उसके बाद ही कोई निर्णय ले ऐसे सोच के अगर आप कोई फैसला लेते है तो जीवन में आपको आगे चलकर शायद पछताना न पड़े क्योंकी आपने पहले ही उसकी Possibility चेक कर ली जिससे आपका फैसला सही होने का चांस बहुत ज्यादा रहेगा ऐसा हो सकता है और जब भी कोई फैसला ले तो अपने ऊपर पूरा विश्वास रखे कि मैं ऐसा कर सकता है।

 

प्रश्र – भगवान से दिल से कैसे जुड़े कि हम जो भी बोले उन तक पहुंचे जाए ?

 

 

जवाब – प्रभु से अगर दिल से जुड़ना है इसके लिए पहले तो आपको भटकना बंद करना होगा जो सच्चाई आपके कर्म में होगी जो कर्म के प्रति निष्ठा होगी तब ही भगवान आपसे दिल से जुड़ेंगे अर्थात आपकी बात उन तक पहुंचेगी इसलिए पहले तो अपने कर्म अच्छे करिए कोई बुरी आदत ना रखिए जो आपका पतन कर सकें और प्रभु से जुड़ने के लिए सबसे पहले खुद को पहचानना होगा कि मैं कौन हुं मै इधर क्या कर रहा हूं आप परेशान मत होइए आप सिर्फ एक काम करिए ध्यान करिए सुबह के समय जब भी उठे थोड़ी देर के लिए ही सही 10 मिनट 20 मिनट आधा घंटा जितना भी समय मिले शांत जगह जा कर आंख बंद करके सिर्फ ध्यान करिए परमात्मा का ऐसा अगर आप नियम से हमेशा करते रहेंगे तो आप धीरे धीरे देखेंगे आपको ऊर्जा की अनुभूति होगी एक दिव्य ऊर्जा की आप तब ही प्रभु की अनुभूति भी मेहसूस कर सकेंगे और देखिए प्रभु से प्रार्थना करना वो अलग बात है उससे भी आप प्रभु से जुड़े ही है उसमें कोई शक नहीं है पर ये ध्यान के जरिए आप प्रभु की शक्ती को नजदीक से जान पाएंगे

प्रश्र – झगड़े की बड़ी वजह क्या होती है ?

 

 

जवाब – झगड़े की सबसे बड़ी वजह ये होती है कि कुछ इंसान अपने आप को बहुत सर्वश्रेष्ठ समझते है उनको लगता है कि मैं बहुत बुद्धिमान हूं मुझसे ज्यादा ज्ञानी कोई नहीं पर उनको ये बात नही होती कि सबसे बड़े अज्ञानी वही है क्योंकी बेमतलब का दिखावा करना छोटी छोटी बातों को पकड़ के बड़ा रुप देना दूसरों को समझदारी का पाठ पढ़ाते हुए खुद समझदारी भूल जाना ये अज्ञानी की निशानी है और जब भी कोई आपसे ऐसा व्यक्ति झगड़ने की कोशिश करें उनके बहस करने की जगह उस समय उन्हे अकेला छोड़ दे उनसे दूरी बना ले इससे जो बहस होगी वो कम भी हो जायगी और आपका मन शान्त रहेगा इसलिए अगर सचमुच में ज्ञान समझना है तो विनम्र रहिए कम बोले ज्यादा सुने हर वक्त अपनी ही बातो को सर्वोपरि ना समझे सामने वाले को भी अपनी बात रखने का मौका दे धैर्य रखे

जरूर पढ़े – प्रेमानंद गुरूदेव जी के सफल मंत्र

सार –

भक्ति का मतलब ही समर्पण होता है इसलिए जब भी जीवन में कभी अकेलापन महसूस हो तो एक बार प्रभु को दिल से याद करना और जितना हो सके दिल मन विचार नियत साफ रखिए जितना आप खुद के नजरों में सच्चे और अच्छे बने रहेंगे उतना ही आपको जीवन में सफलता प्राप्त होगी और हां अगर भक्ति से जुड़े आपके मन में कोई प्रश्र आ रहा हो तो बेझिझक मुझे कमेन्ट करके पूछ लेना समय मिला तो जवाब जरूर दूंगा

 

राधे राधे


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