दूसरों की ईर्ष्या से कैसे बचें | How to avoid jealousy of others

Sharing Is Caring

दूसरों की इर्ष्या से कैसे बचें | How to avoid jealousy of others

 

इर्ष्या ( jealousy )

 

ये संसार बहुत बड़ा है इस दुनियां में न जानें कितने प्रकार के लोग रहते है कहा कहा रहते है इसका हम और आप अनुमान भी नहीं लगा सकतें है हम और आप भाग्यशाली है जो मनुष्य का जीवन मिला है इस जीवन से आप क्या क्या कर सकतें है और कहां कहां पहुंच सकते है इसका भी आपको अनुमान नही है पर ज्यादातर व्यक्ति इन कुछ विकारों में फंस कर रह जाता है जैसे गुस्सा, आलस, मोह व दूसरों के प्रति जलन भावना और इन्ही विकारों में उसका जीवन पूरा समाप्त हो जाता है फिर अंत में उसके पास पछतावा करने के सिवा कुछ नहीं होता है इन्हीं सब में से एक मुख्य विकार भी है जिसका नाम है इर्ष्या जलन भाव जिस व्यक्ति को किसी से इर्ष्या होने लगती है ना वो अपने जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा ईर्ष्यालु ब्यक्ति खुद आगे बढ़ना चाहेगा पर दूसरों को नीचे गिराकर जो आगे चलकर खुद गिर जाते है आज हम इसी पर बात करेंगे कि ईर्ष्यालु व्यक्ति से कैसे बचें।

 

इर्ष्या क्यों होती है ?

 

इर्ष्या इसलिए होती है क्योंकी जब मनुष्य अपने जीवन में सफल नहीं बन पाता हमेशा कमजोर रहता है पर उसके साथ वाला व्यक्ति चाहें वो उसका मित्र हो या चाहें भाई वो आगे बढ़ने लगता है तब ही मन में इर्ष्या का जन्म होता है किसी से इर्ष्या करना एक मानसिक अज्ञानता का कारण है जिसे ज्ञान नहीं होता वहीं व्यक्ति इर्ष्या करता है इर्ष्या का सबसे बड़ा नुकसान है कि इर्ष्या से दूसरों का कुछ नहीं बिगड़ता पर जो व्यक्ति इर्ष्या करता है वो कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा

 

jealousy

 

इर्ष्या करने वाले व्यक्ति से कैसे बचें

 

अब आप सोच रहे होगे कि भला इर्ष्या करने वाला व्यक्ति मेरा क्या बिगाड़ लेगा पर आप मेरी बात समझिए आप अपनें चारों तरफ नज़र घुमाइए मतलब आपके मित्र आपके कलीग उनसे मित्रता रखिए अगर वो आपके सच्चे दोस्त है तो सारी बाते अपने जीवन की बताइए पर कुछ बाते ऐसी होती है जो किसी को नही बताना चाहिए क्योंकी कौन सा व्यक्ति कब आपके ही खिलाफ वो बाते का इस्तेमाल करे कुछ कहा नही जा सकता है क्योंकि इर्ष्या बहुत खराब चीज है कब किसके मन में आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है इसलिए जितना हो सके उतनी अपने चीजों को गुप्त रखे गुप्त रुप से काम करें एक बार काम बन जाए तब ही अगर बताना हो तो बताएगा

 

इर्ष्या कौन कर रहा है ये पता है

 

अगर आपको पता है आपसे इर्ष्या करने वाला व्यक्ति कौन है तो आप उनसे वैसे ही बात करिए जैसे पहले बात करते थे अपने मन में उनके लिए कोई कड़वाहट मत रखिए बस एक बात याद रखिए कि इर्ष्या करने वाले व्यक्ति से कभी अपनी बाते शेयर ना करें और ना ही उसे नीचा दिखावे कि अगर वो आपसे जल रहा है तो आप भी उसे और जलाएं ये करना उचित नहीं है ये सब करने के बजाय उससे दूर रहिए बस अपने काम में फोकस करिए

 

jealousy

 

 

अपने गुण

 

इस दुनियां में सभी के पास कुछ न कुछ गुण रहता ही है किसी चीज़ का अगर कोई अंधा है तो उसे लिखने का गुण है अगर कोई गूंगा है तो उसे इशारा करने का गुण है मेरा कहने का मतलब है कि इस इंसान के अंदर कोई न कोई गुण होता है बस उसे ढूंढना पड़ता है कई बार ऐसा होता है कोई काम हम नही कर पाते बहुत प्रयास के बाद भी जैसे कि 2 मित्र हैं एक को आर्ट साइड मे पढ़ने में रूचि है और एक को साइंस साइड में रूचि है अब ये तो है नही कि दोनो एक साथ पढ़ सकें क्योंकी दोनो की रूचि अलग अलग है कोई साइंस में अच्छा है तो कोई आर्ट्स में इसी प्रकार हर इंसान की अपनी एक रुचि होती है एक गुण होता है इसलिए किसी से इर्ष्या करने की बजाय हमे अपनी रूचि ढूढनी चाहीए कि हमे क्या पसंद है उस काम पर ही फोकस करना चाहिए जरुरी नहीं कि सामने वाला नौकरी कर रहा है तो हम भी नौकरी ही करे हो सकता है हमारी रुचि बिजनेस में है तो इर्ष्या करने से हाथ में कुछ नही आता है बस समय नष्ट होता है इस समय को अपने ऊपर लगाओ ना कि दूसरों के ऊपर एक बात और कि कोई भी व्यक्ति सब काम में फोकस नहीं कर सकता है आजकल के नवजवान सोचते है ये करले वो करले सब करले इसलिए वो किसी एक काम परफेक्ट बन ही नहीं पाते देखिए multitasking अच्छी बात है पर उसके साथ हम किसी एक काम में एकदम परफेक्ट भी होने चाहीए तभी सही कार्य वो कर सकता है और देखा देखी करना बन्द करिए

 

यदि आप ही ईर्ष्यालु है तो इसे कैसे खत्म करे ?

 

इर्ष्या खत्म करने का सबसे रामबाण उपाय है कि आप पहले तो नकारात्मक सोचना बंद करिए और अपने आप को शांत करिए
जब भी किसी के प्रति न चाहते हुऐ भी बुरा ख्याल आए या इर्ष्या हो अपने मन की बात किसी ऐसे व्यक्ति को बताए जो आपका सबसे खास है या फिर किसी कॉपी में अपने मन की बात लिख डालिए इससे आपके मन में जो गुस्सा है जो इर्ष्या है वो धीरे धीरे समाप्त होने लगती है और अपने ऊपर विश्वास रखिए कि आप भी किसी से कम नहीं बस सादगी में रहिए कभी दिखावा ना करे वो को दिखावा करते है उनसे दूर रहे

 

कुछ जरुरी बात

 

मैने ये तो आपको बता दिया कि दूसरों की इर्ष्या से कैसे बचें पर ये बात भी आप जान लिजिए जब आप सफल बने तो कभी सफलता अपने मस्तक पर चढ़ने मत दीजिएगा क्योंकी जब ऐसा आप करते है तो आप उसके आगे नही बढ़ पाएंगे और जब भी आप किसी काम में असफल रहे कोई काम जो आपसे नहीं हुआ पर दूसरे व्यक्ति से वो काम चुटकी में हो गया तो आप अपने मन में इर्ष्या मत आने दीजिएगा बल्कि उसके बजाय अपनी कमियों पर और काम करिए ये ढूढिये कि क्या चीज़ की कमी है उस कमी को सही करिए और अपने ऊपर विश्वास रखिए कि मैं भी ये कर सकता है और कोई भी व्यक्ति कभी आपको नीचा दिखाने के कोशिश करे तो उसके मुंह तो लगिए ही मत ना ही उनकी बातो पर ध्यान दीजिए एक कान से सुनिए दूसरे कान से निकल दीजिए जितना आप ईर्ष्यालु व्यक्ति को नजरंदाज करेगें उतना आप अपनें जीवन में सही से फ़ोकस कर पाएंगे

 

यह भी आप पढ़े – सफल लोगों की अच्छी आदतें

 

सार

 

इर्ष्या समाज का वह अभिशाप है जो भी व्यक्ति इसके चंगुल में फसता है वो कहीं का नही रह जाता इसलिए आप से अगर कोई इर्ष्या कर रहा है तो उससे दूर रहिए अपने काम से काम रखिए या अगर आप किसी से ईर्ष्या कर रहे है तो अब तो आप समझ ही गए होंगे कि इर्ष्या करने से सिर्फ नुकसान ही होगा

हसीं खुशी रहिए हमेशा अपने काम में मस्त रहिए अगर आपके मन में अभी भी ईर्ष्या से जुड़े कुछ सवाल है तो हमे जरूर कमेन्ट कर के बताए समय मिला तो जरूर जवाब दूंगा

धन्यवाद


Sharing Is Caring

Leave a Comment