अच्छे कर्मों की शक्ति || Power of Good Karmas

Sharing Is Caring

अच्छे कर्मों की शक्ति || Power of Good Karmas

 

power of good karmas

Power of Good Karmas

 

संशय ( Douts ) –

 

हमने ये सुना है कि अच्छे कर्मों से व्यक्ति अच्छा जीवन पाता है उसे सुख, समृद्धि, यश ये सब मिलता है परन्तु आजकल आपने देखा होगा कि जो लोग अच्छे होते है दूसरो का भला करते है सीधे सिंपल होते है वो काफी तकलीफ में रहते है परेशान रहते है या आर्थिक कमजोर रहते है ऐसा क्यों होता है आपके मन मे भी कभी न कभी ये सवाल जरूर आया होगा कि अच्छे लोगो के साथ ही क्यों बुरा होता है वो इसलिए होता है क्योंकी सब खेल कर्म का ही होता है मतलब जो लोग बुरे रहते है या किसी का बुरा करते है और फिर भी मजे में ऐशो आराम की ज़िंदगी जी रहे है तो आपके मन में ये संशय जरूर होगा कि ऐसा क्यों होता है ऐसा इसलिए है क्योंकी उनके अभी पूर्व के जन्मों का पुण्य चल रहें है अभी उसको वो भोग रहे है पर जिस दिन उनके पूर्व के जन्मों के पुण्य खतम होंगे और इस जन्म के पाप आपस में मिलेंगे फिर उसके बाद वो इंसान बर्बाद हो जाएगा फिर वहीं व्यक्ति का जीवन एक पशु के समान हो जाता है ना घर ना घाट का।

चलिए ये बात तो आप समझ गए होगे अब आपके मन में ये बात होगी कि अच्छे व्यक्ति को क्यो इतनी तकलीफ होती है तो इसका मतलब भी वही है कि उसके पूर्व के जन्म में उसने कुछ ऐसे पाप किए होंगे जो वो इस जन्म में भोग रहा है परन्तु जैसे ही उसके पूर्व के पाप समाप्त होंगे और इस जन्म के पुण्य आपस में मिलेंगे फिर वो व्यक्ति एकदम ठीक हो जाएगा उसके जो दुख पीड़ा जो भी होगी वो समाप्त हो जायगी उसके साथ साथ सुख शान्ति यश सभी चीजों की प्राप्ति होगी ये जो मैने अभी आपको बताया कुछ लोग इसे नही मानेंगे पर इसका उदाहरण भी है जैसे आपने ऐसे कई व्यक्ति ऐसे भी देखें होंगे जो सीधे साधे शांत स्वाभाव के और पढ़ा लिखे हंसमुखी व्यक्ति वो एक स्वस्थ और मस्त रहते है उन्हे कोई परेशानी नहीं होती क्योंकी उनके पूर्व के जन्म के पाप या तो पहले ही कट चुके है या तो उन्होंने कोई पाप किए ही नहीं होगें इसलिए आप भी बस अच्छे कर्म करिए

 

आइए जानते है भक्ति और कर्मो की शक्ति क्या जिससे आपको सब समझ में आने लगेगा की हमारी लाइफ में भक्ती का कितना बड़ा रोल है और उससे कैसे हम इस जीवन पर सफल पा सकते है :

 

 

प्रश्न – अच्छा इंसान की ही क्यों परीक्षा ली जाती है ?

 

 

जवाब – आपके मन में कभी न कभी ये सवाल ज़रुर आया होगा कि भगवान हमेशा अच्छे लोगो की ही क्यों परिक्षा लेता है बुरे लोगों की परिक्षा क्यों नही लेता वो ऐसा इसलिए होता है क्योंकी प्रभु जानते है कौन मेरी कृपा के पात्र है और कौन नहीं है इसलिए प्रभु अपने भक्तो की परिक्षा लेते है क्योंकी प्रभु जानते है ये मेरा भक्त है ये जरूर सफल होगा उसके पश्चात प्रभु आपको वो सब देते है जो आपके लिए सर्वश्रेष्ठ होगा इसलिए हमेशा अच्छे कर्म वाले व्यक्ति की ही भगवान परिक्षा लेते है।

 

 

प्रश्न – मैं एक व्यापारी हूं मैं प्रभु से हमेशा मांगता हूं कि मुझे ये देदो वो देदो परन्तु उन्होंने कभी मेरी बात नहीं सुनी मेरी मनोकामना कभी पुरी नहीं होती है क्या मैं इतना पापी हूं ?

 

 

जबाव – देखिए अच्छे कर्म करते रहना हमारा धर्म है और आपका कहना है कि आपकी कोई मनोकामना पूर्ण नहीं होती है देखिए ध्यान से समझिए प्रभु अपने बच्चों को वही देते है जो उनके लिए सर्वश्रेष्ठ होता है वो सकता है आप मांग रहे हो कि मेरा व्यापार अच्छा चल जाए पर हो सकता है कि वो आपको कुछ उससे भी बड़ा देने की सोच रहें हो इसलिए कभी भी निराश न हो कि प्रभु मेरी कभी नही सुनते वो सबका भला चाहते है इसलिए एक बात हमेशा ध्यान रखना कि जो भी होता है अच्छे के लिए होता है प्रभु से शिकायत करना बन्द करे बस उनके शरण में रहे और अच्छे कर्म करते रहें सब मंगल होगा

 

 

प्रश्न – मेरा स्वभाव बहुत गुस्से वाला और चिड़चिड़ा है मुझे सब पर गुस्सा आता रहता है मैं क्या करूं ?

 

 

जवाब – जब हमारी कोई ईच्छा जो अधूरी रहती है या कोई भी काम हमारे मन के हिसाब से नही होता है तब हमे गुस्सा आता है ऐसा करने से हमारी बुद्धि सर्वनाश की तरफ बढ़ने लगती है अपने आपको जितना जल्दी हो सके नियन्त्रण में रख लो क्योंकी इसका परिणाम भयानक होगा अपना स्वभाव मीठा रखिए किसी से झगड़ा न करे विनम्र रहना सीखिए और गुस्सा आए तो उस समय कुछ मत बोलिए एकांत में रहिए और जो आपकी उलझन है उसको एक कापी के लिख लीजिए और प्रभु को बताए कि मेरी ये परेशानी है प्रभू अब बस आपका सहारा हैं मेरा मार्गदर्शन करिए ऐसा करते ही आपके मन का भार हल्का हो जाएगा फिर आप काफी रिलैक्स फील करेंगे।

 

 

प्रश्न – अच्छे कर्म अच्छे कर्म सुनते सुनते थक गया हूं मुझे कुछ नही मिला मैं नही मानता मेरे साथ कुछ अच्छा नहीं होता है ?

 

 

जवाब – देखिए सबसे पहले तो अपना स्वभाव विनम्र रखिए क्योंकी गुस्सा, ईर्ष्या, लालच ये सब अच्छे कर्म के कट्टर दुश्मन है इसलिए इन सब से बचिए सबसे पहले खुद को बदलिए गुस्सा मत करे विनम्र रहे दूसरों को नीचा कभी न दिखाएं जितना हो सके सिंपल बन के रहे कोई दिखावा ना करे फिर उसके बाद जिस भी क्षेत्र में आप कार्यरत है उस क्षेत्र में ईमानदारी पूर्वक कार्य करे क्योंकी अच्छे कर्म हों या बुरे कर्म सबका फल यही मिलता ह

 

 

सार –

आप चाहें अच्छे कर्म करे या बुरे कर्म सबका फल मिलेगा जो लोग चोरी करते है छल करते है कपट करते है वो लोग मजे में हो सकता है वो ऊंचाई पर चलें जाए अपने पिछले अच्छे कर्म की वजह से पर यकीन मानिए वो ऊंचाई पर इसलिए गए ही है कि उन्हे नीचे धकेला जाए वो भी बुरी तरह से इसलिए जो बीत गया सो बीत गया अभी भी वक्त है बुरे कर्म की सजा हमेशा भयानक ही रहती है इसलिए अभी से अच्छे कर्म करिए प्रभु की भक्ति में लगे रहिए

 

जरूर पढ़ेराधे राधे बोलने के लाभ

Premanand Ji Ke Safal Mantra

 

NOTE –
मुझे पूरा विश्वास है आपने सब चीज़ अच्छे से समझ ली होंगे अब ये ब्लॉग उनको शेयर करिए जो दुखी रहते है जो गुस्सा रहते है जो चिड़चिड़ा रहते है उन सभी मित्रों को भाई को सभी को शेयर करिए
और कमेंट में अपना सवाल भी आप लिख सकते है समय मिला तो जरूर जवाब दूंगा

 

 

 


Sharing Is Caring