श्री कृष्ण को अपना दोस्त कैसे बनाएं | Shri harivansh

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श्री कृष्ण को अपना दोस्त कैसे बनाएं | Shri harivansh

 

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मित्र उसे बनाओ जिसे बनाने के बाद किसी और की जरूरत ही ना पड़े जैसे कि हमारे श्री कृष्ण पर उनको अपना दोस्त बनाने के लिए आपको पहले शांत रहना सीखना पड़ेगा जितना आप शांत स्वाभाव रखेंगे उतना ही हमारे बांके बिहारी लाल को करीब से देख पायेंगे परन्तु कुछ नियमो का पालन करना पड़ता है श्री कृष्ण को अपना मित्र बनाने के लिए आपको पहले तो इन विकारों पर नियंत्रण रखना सीखना पड़ेगा

 

1 – चुनौतियों से भागना

 

अगर आप सच्चे मन से श्याम को दोस्त बनाना चाहते है तो बात बात पर हार मानना बंद करना होगा हम क्या करते है कि थोडी सी विपदा आई या कोई भी कष्ट हुआ तो भगवान को कोसने लगते है उन्होंने मेरे साथ ये किया वो किया इसलिए भगवान को कोसना बन्द करिए और और जो भी चुनौती आई है उसका सामना करिए अगर कोई समस्या आती है तो उसके साथ में उसका हल भी आता है ये बस हमारे उपर निर्भर करता है कि मुश्किलों से भाग जाए हार मान ले या शांत होकर उस समस्या का समाधान ढूंढें जो व्यक्ति अंदर से मजबूत होते है सभी चुनौती का हंस के सामना करते है ऐसे लोग हमारे प्रभु को अत्यंत प्रिय होते है।

 

2 – अटूट विश्वास

 

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मित्रता में बहुत ताकत होती है मित्रता की पहला सीढ़ी विश्वास होती है इसका दोस्ती में बहुत अहम रोल होता है श्री कृष्ण से पक्की वाली दोस्ती तब ही कर सकेंगे जब आपके अंदर उनके लिए अटूट विश्वास होगा परंतु बहुत से लोग ऐसे होते है कि थोड़ा भी कुछ नुकसान हुआ तब हम प्रभु पर सारा इल्जाम लगा देते है उनसे सवाल करते है मैने तो आपको बहुत प्यार किया भक्ति किया और आपने ये दिया पर ऐसा आपको नहीं करना है क्योंकी हमारे बांके बिहारी लाल जो भी करते है उसमें कोई न कोई वजह होती है कुछ न कुछ अच्छाई कहीं छुपी होती है इसलिए हमेशा ये कहा जाता है कि जो भी होता है अच्छे के लिए होता और एक बात और हमारे साथ जो अच्छा बुरा होता है वो हमारे कर्म के अनुसार ही होता है अरे प्रभु तो वो है जो हमारे बुरे कर्मो का प्रभाव कम करते है और हम क्या करते है उन पर विश्वास करने को बजाय हम उनको ही कोसने लगते है इसलिए श्री कृष्ण को अपना सच्चा दोस्त मानिए और उन पर अटूट विश्वास रख कर अपने जीवन की हर बात शेयर करें

 

3 – बाहर से नहीं अंदर से

 

श्री कृष्ण को सिर्फ मित्र बनाने से या मानने से कुछ नही होगा उन पर विश्वास रखना पड़ेगा जब जब ऐसा लगे कि बहुत परेशानी है anxioty है डिप्रेशन है तो सिर्फ़ आप कृष्ण को याद करिए और अपनी सारी व्यथा बताए कि मुझे ऐसी ऐसी परेशानी है ऐसा करने से यकीन मानिए आपका दिल बहुत हल्का हो जाएगा और प्रभु तक बात भी अवश्य पहुंचेगी बस सच्चे दिल से उन्हे याद करिए आप उन्हे जिस भाव में याद करेगें हमारे बांके बिहारी लाल उसी रुप में आपका मार्गदर्शन करेगें

 

4 – भक्ति में शक्ती

 

लोगो को श्री कृष्ण से तो बहुत कुछ मिल जाता है नाम शोहरत इज्जत धन पर बहुत कम लोग ही ऐसे होते है जिन्हे श्री कृष्ण मिलते है जेसे कि मीरा बाई जो श्री कृष्ण की भक्ति में ही समाहित हो गई और अंत में उन्हे परम सुख की प्राप्ति हुई भक्ति कभी दिखावे की लिए ना करें हमारे प्रभु को जिस भी रुप से याद करें पुरे मन से याद करें वो किसी न किसी रुप में आपका मार्गदर्शन जरूर करेंगे

 

5 – प्रेम के भाव

 

भगवान सिर्फ भाव के भूखे होते है उन्हे और किसी से मतलब नही है उन्हे तो सिर्फ आप के भाव से मतलब है आप जितना उन्हे सच्चे भाव से याद करेगें अपने आप को जितना उन्हे समर्पण करेंगे उतना ही आप उनके करीब आते चले जाएंगे

 

6 – मित्र

 

मित्र वो होता है जिनकी संगत को अपनाया जाए मित्र वो होता है जिनके रंग में रंग जाए अर्थात जिनके आदत खुद पर आने लगते है आपको एक सच्चे मित्र के रुप में श्री कृष्ण मिले है हमारे प्रभु की बातों को अपने जीवन में उतारे हम सब शिकायत बहुत करते है बात बात पर करते है पर प्रभु की बात नही मानते जो वो कहते है अपने गीता जी में ये हम सुनते भी है मानते है अपनाते भी है पर करते नही है मतलब उनके बातों को अपने जीवन में apply नही करते हमारी सबसे बड़ी गलती यही होती है उनकी बातों को समझे भगवत गीता पढ़े और अपने जीवन में उतारे जिससे आपका सफल होना निश्चित है।

 

7 – वहम

 

प्रभु कभी अपने भक्तों का साथ नही छोड़ते वो हमेशा हमारा हाथ पकड़े रहते है वो तो हम ही होते है कि जब हमारा काम नहीं हुआ हमारी कोई विश पुरी नही हुए तो उनसे मुंह मोड़ लेते है प्रभु पर भरोसा करिए उन्हे सब पता होता है अपने किस भक्त को कब क्या देना है इसलिए उन पर संदेह ना करें उनके साथ मित्रवत व्यवहार से बात करिए अपने मन के भाव उनके सामने सारे खोल दीजिए सब मंगल ही मंगल होगा

 

8 – राधे राधे

 

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श्री कृष्ण को अपना मित्र बनाने का यह भी एक तरीका है कि आप राधे राधे जपे राधे राधे बोलने के लाभ भी मैने पिछले आर्टिकल में बताया था आप जितना राधे राधे जपेंगे उतना ही हमारे बांके बिहारी लाल प्रसन्न होंगे और राधे कृष्णा 2 नहीं है ये तो 1 ही है बहुत लोग ये कहते है कृष्णा नाम करो और बहुत कहते है राधे राधे बोलो तो इससे आप कंफ्यूज न हो परम पूज्य प्रेमानंद जी ने भी अपने एकांतिक वार्तालाप में बताया है कि राधे राधे ही जपने से स्वयं श्री कृष्ण भी प्रसन्न होते है फिर आप पर राधे कृष्णा की कृपा बरसने लगती है इसलिए राधे राधे जरूर जपे

 

सार –

 

श्री कृष्ण मित्र के रुप में मानिए अपने भाव अपनी हंसी अपनी ख़ुशी सब चीजें उनसे शेयर करें लाइफ में जब जब चुनौती आए तो घबराए नहीं शांत मन से प्रभु से बोले उन्हे अपने मन की ब्यथा बताएं और चुनौती से भागे नही उसे स्वीकार करे हमारे प्रभु के मार्ग अनुसार चले ये सब सिर्फ पढ़े नही अपने जीवन में भी उतारे आपका श्री कृष्ण कभी साथ नहीं छोड़ेंगे।

 

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो अपने घनिष्ट मित्रो को जरुर शेयर करें जिससे उन पर प्रभु की कृपा हो और कमेन्ट में राधे राधे जरूर लिखियेगा

 

RADHE RADHE * 


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