प्रेमानंद महाराज जी के सफ़लता के मंत्र || Premanand maharaj’s success mantra

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प्रेमानंद महाराज जी के सफ़लता के मंत्र || Premanand maharaj’s success mantra

 

premanand maharaj ji

 

गुरुदेव जी जब से वृंदावन आए तब से वो हम सब को सिर्फ यही समझाने की कोशिश करते है कि बुरे आचरण आज नहीं तो कल कल नहीं परसों नाश का कारण अवश्य बनेंगे इसलिए प्रेम पूर्वक राधा राधा राधा राधा नाम जपते रहो आपके सब काम बनने लगेंगे

 

प्रेमानंद महाराज जी क्या उपदेश देते है ?

गुरुदेव का ये कहना है कि जितना आप श्री जी का नाम जप करेंगे उतना आपके मन की सारी मलीनता दूर होती चली जाएगी आपका चित्त आपका ध्यान प्रभु में लगने लगेगा जिससे आपकी तरक्की के मार्ग खुलते चले जाएंगे।

premanand maharaj ji

 

कुछ सवाल जवाब जिससे आपके मन में जो शंका है शायद इसे पढ़ कर दूर हो जाए एकांत में पढ़िएगा बहुत ही ध्यान से।  ( Safalta Ke Mantra )

 

 प्रश्नमुझे सफ़लता कब मिलेगी ?

 

जवाब – सफलता प्राप्त करने का एकमात्र विकल्प यही हैं कि बिना रुके बिना हार माने बिना उदास हुए सही दिशा में अपना कार्य प्रसन्नतापूर्वक करते हुए जाना सफल होने की पहली पहल है सफल व्यक्ति वही होता है जो प्रभु का नाम जप करते हुए अपना कर्म करते हुए कोई गंदे आचरण न करते हुए प्रभु पर अटूट विश्वास रखता हुआ जो आगे बढ़ता है वो सफल बन जाता है अगर आपको सफ़लता में विलंब हो रहा है तो निराश बिलकुल न रहे हमारे प्रभू बहुत कृपालु है वो सबकी सुनते है आज नहीं तो कल आपकी भी जरुर सुनेगे और बस खुशी खुशी कर्म करते रहिए और हर समय प्रसन्न रहना सीखिए।

 

 प्रश्न – मेरे मित्र, मेरे भाई सब मुझसे आगे निकल जाते है पर मैं अभी भी वहीं हूं ऐसा क्यों होता है ?

 

जवाब – हर इंसान के अपने अलग कर्म होते है अलग परिस्थितियां होती है प्रभू ने सबको अलग अलग बनाया है इसलिए हमें अपनी तुलना दूसरे से नहीं करनी चाहिए ऐसा जरूरी नहीं हैं कि जो सामने वाला कर रहा हो वो हमें भी करना चाहिए हमें अपने अंदर ये ढूंढना चाहीए कि हमें क्या पसंद हैं हमें क्या अच्छा लगता है जो हमे करने में आनंद मिलता है हमे वही करना चाहिए लेकीन वो मार्ग ईमानदारी को होना चाहिए जिस दिन आपने अपने पसंद के काम को ढूंढ लिया फिर आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता परंतु हो सकता है उसमें सफल होने में कुछ समय लग जाए परंतु लेकिन यकीन मानिए वही कार्य आप को दूसरों से कई गुना आगे ले जा सकता है।

 

प्रश्न – गुस्सा ना चाहते हुए भी बार बार आता है ऐसा क्यों ?

 

जवाब – जब तक आप अपनें आप को प्रभु की भक्ति में समर्पित नही करोगे तब तक ये सब चलता रहेगा इसका उपाय ये हैं कि जब भी मन में अहंकार आए कुछ गंदी भाषा प्रयोग करने का मन हों तब तुरंत ही मन में राधा राधा राधा राधा का नाम जप शुरु करदो ऐसा दिन में जब भी गुस्सा आया तब करो बार बार करो गुस्सा अपने आप चला जाएगा एक लंबे समय तक अगर यह प्रक्रिया करते रहें तो आपको गुस्सा आना कम हो जाएगा और आनंद की अनुभूति मिलेगी

 

 प्रश्न – कभी कभी जो हम सोचते है ऐसा नहीं होता है ऐसा क्यों ?

 

जवाब – हम हमारे सपनों को लेकर बहुत कुछ सोचते है बहुत कुछ प्लानिंग करते है पर कभी कभी किसी कारण से वो सपना हम पूरा नही कर पाते उसके बाद हम निराश हो जाते है मानो सब कुछ खत्म हो गया परंतु विश्वास मानिए प्रभु ने हमारे लिए कुछ अच्छा ही सोचा होगा अगर हम प्रभु की शरण में है तो हमे घबराने की कोई भी जरूरत नहीं है हो सकता है उदारहरण के तौर पर कि आप सोच रहे हो मुझे अच्छी नौकरी मिल जाए पर वो आपको बिजनेस मैन बनाना चाहते हो कहने का तात्पर्य यहीं है कि जो भी होता हैं अच्छे के लिए होता है तो बिना घबराए आगे बढ़िए और नाम जप करते रहिए राधे राधे और दूसरों से अपनी तुलना भूल कर भी ना करें

 

 

प्रश्न – मन में हमेशा गंदे विचार आते है मै न चाह कर भी गंदे विचार सोचता रहता हूं इसको कैसे खत्म करें ?

 

जवाब – अच्छे विचार आना या गंदे विचार आना हमारे मन की क्रिया है ज्यादातर गंदे विचार हमें इसलिए आते है कि हम वैसे गंदे चीज़ स्मार्ट फोन में देखते रहते है वासना में लिप्त रहते है या हमारे मित्र जो ऐसी वासना को देखता है तो जब हम ऐसे मित्रों के संपर्क में आते है तो हमारी बुद्धि भी भ्रष्ट हो जाती है इसका उपाय बस यही है कि ऐसे मित्र जो गंदे आचरण में रहते है वासना में लिप्त रहते है या जो आपको आपके मार्ग से भटकाते है आप उनसे दूरी बना लिजिए अच्छे मित्रों को संगति में रहे अच्छे कर्म करते रहें राधा राधा नाम जप करते रहिए मन में जो गंदे विचार आते है वो समाप्त हो जायेंगे।

 

प्रश्न – दान पुण्य करने से क्या मिलता है ?

 

जवाब – कई लोग ये बोलते रहते है कि ये दान पुण्य करने से मुझे कुछ नहीं मिलता ये हमारे समय को नष्ट करता है उनके लिए यह जवाब है कि जो लोग धर्म को लेकर नहीं चलते या जो धनवान होते है वो दान धर्म नही करते वो तब तक बहुत खुश रहेंगे जब तब उनके पिछले जन्म के अच्छे कर्म चल रहें होते है परंतु जैसे ही उनके बुरे कर्मों की बारी आती है फिर वो नीचे गिरते चले जाते है तो ऐसे में अगर आप धर्म, दान पुण्य करते रहेंगे तो आपके पुण्य पुनः जरुर आते है और कुछ समय बाद ही आपकी परिस्थिति सामान्य हो जाती है आपके व्यापार में आपके नौकरी में आपकों तरक्की मिलती है दान पुण्य से।

 

poor people

प्रश्न – मुझे व्यापार में हानि हुई तो मैंने दान पुण्य करना छोड़ दिया ?

 

जवाब – अक्सर जब हमारा अच्छा समय चल रहा होता है अच्छे कर्म चल रहे होते है तब हम कुछ भी नही करते कोई दान पुण्य नही कोई पूजा पाठ नहीं करते परंतु जब हम पर विपदा आती है तब हम प्रभु के पास जाते है दान पुण्य करते है उसके बाद जब हमे कोई परिणाम नही मिलता उस समय तब हम भगवान से विमुख हो जाते है सबसे बडी गलती यहीं पर होती है हम अच्छे समय मे भगवान को याद नहीं करते और बुरे समय में उनसे शिकायत करते है ऐसा नही करना चाहिए बुरा समय आए या अच्छा समय प्रभु को पकड़ के चलो सब मुश्किल आसान होने लगेंगी आपका काम स्वतः ही होने लगेगा और जब आप कोई दान करते हो तो आपने भी एक चीज़ notice करी होगी कि आपकी जो भावना है आपका चित्त आपका मन वो शुद्ध हो जाता है एक energetic feeling आती है वही feeling आपकी सारी मुश्किल कम कर देती चली जाती है।

 

प्रश्न – मन हमेशा उदास रहता है क्या करूं?

 

जवाबमन चंचल होता है ऐसा क्यों ध्यान से सुनिएगा जब किसी व्यक्ति के साथ कुछ अच्छा होता है तब वह तुरंत खुश हो जाता है खुशी मनाता है परंतु जब किसी के साथ कुछ बुरा हो जाता है तब इंसान अंदर से टूट जाता हैं यही पर सबसे बड़ी गलती हम करते है मेरी बात ध्यान से समझिए खुश होना या दुखी होना हम परिस्थिति के अनुसार होते हैं परंतु हमे अपनी भावना पर नियन्त्रण रखना सीखना होगा हमे यह तय करना होगा कि दुखी हमे नही होना है बस दुखी होने की जगह प्रभु का सुमिरन करते रहना है अपने मन पर अपने भावना पर अपने emotion पर हमे नियन्त्रण रखना सीखना चाहिए सब मंगल होगा

 

इसे भी जरुर पढ़ें – अच्छे कर्मों की शक्ति

 

प्यारे दोस्तों मुझे आशा है कि आपके जीवन के कुछ सवालों का जवाब मिल गया होगा

premanand maharaj ji

श्री प्रेमानंद महाराज जी से आप कैसे मिल सकते है

 

आप वृंदावन जाकर श्री हित राधा केली कुन्ज, वृन्दावन परिकर्मा मार्ग, वराह घाट, वृन्दावन, उत्तर प्रदेश, वृंदावन- 281121 इस पते पर जाकर आप हमारे गुरूदेव से मिल सकते है राधे राधे

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने सगे संबंधी दोस्त को जरुर भेजना
और कमेंट में राधे राधे लिखना मत भूलिएगा 🙏🏻

 

Premanand  Maharaj Ji 


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24 thoughts on “प्रेमानंद महाराज जी के सफ़लता के मंत्र || Premanand maharaj’s success mantra”

  1. राधे राधे राधे राधे राधा रानी राधे राधे💐💐💐❣️❣️❣️ राधे राधे राधे राधे 💐💐❣️❣️राधे किशोरी दया करो श्यामा लाडली दया करो 💐❣️❣️दया करो राधे दया करो❣️❣️💐💐 दया करो राधे दया करो ❣️❣️💐💐दया करो राधे दया करो दया करो राधे दया करो💐💐❣️❣️ जय श्री राधे जय श्री राधे जय श्री राधे जय श्री राधे💐💐❣️❣️

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  2. प्रेम भरी राधे राधे सभी को,
    जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश,
    जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
    श्री हरिवंश

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  3. ठाकुर जी की कृपा हो उनके इस परिवार पर की हम सब वृदांवन आकर गुरुदेव भगवान के दर्शन कर पायें और खुब राधा नाम जप करें ॥
    श्री राधा राधा

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  4. Radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha radha

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  5. Har Har mahdev… 🙏🙏
    Bhi tuhare uper bholenaath ki kripa bani rahai… 🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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    • Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe

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